वो चाहती है पर कहती नहीं

वो चाहती है पर कहती नहीं ?

राहुल

वो चाहती है पर कहती नहीं ? एक लड़की है जिसे मैं बहुत पसंद करता हूँ पर वो क्या चाहती है पता नहीं, अब मैं उसको १ साल से जनता हूँ, हम लोग एक गणित की एक कोचिंग में मिले थे,

 

हम लोग बात करने लगे और फिर हम दोस्त बन गए | लम्बी लम्बी बातें करना, देर रात तक कभी कही मैसेज करना ये सब दो महीनो के अंदर ही होने लगा | और फिर एक दिन मैंने उससे पूछ लिए क्या तुम मुझे पसंद करती हो और क्या हम इस दोस्ती को आगे बड़ा सकते है पर उसने मना कर दिया और कहा की हम लोग दोस्त बनकर ही रहेंगे | उसके बाद वो कुछ और बदल गयी, वो मेरे गले लग कर कुछ देर तक रहने लगी, मुझे अजीब तरीके से स्पर्श करने लगी, हम रात भर बात करने लगे. कई बार वो सिर्फ मेरी आवाज सुनने के किये कॉल करने लगी, अगर हम उस दिन मिले नहीं तो मुझे खोजते हुए आ जाती थी, अगर मैं कॉलेज नहीं गया तो पूछने लगी की मैं कहाँ हूँ | अपनी बातो में वो अपनी और अपने घर की बातें बताने लगी, कॉलेज के बहार तो हम जयादा नहीं मिले क्योंकि जयादातर समय उसके पास कोई न कोई बहाना होता था | पर अगर हम कॉलेज  या कोचिंग में मिल जाये तो वो मेरा साथ ही नहीं छोड़ना चाहती है और हर समय मुझे पकड़े रहती है |

 

मैंने उससे दूसरी बार पूछा की वो क्या मेरी गर्लफ्रेंड बनेगी पर फिर उनसे मुझे मना कर दिया | तो फिर मैंने उससे अपनी दोस्ती ख़तम कर दी क्योंकि मुझे समझ नहीं आ रहा था की ये सब जा कहाँ रहा है, या तो वो मेरी गर्लफ्रेंड थी या नही कोई बीच का रास्ता तो मुझे दिख नहीं रहा था | इसके बाद एक और नाटक शुरू हो गया, वो मुझे मैसेज करके लिखती की मैंने उसे बहुत कष्ट दिया है, मैंने उसकी भावनाओं को ठेस पहुँचायी है, वो रो रही है की मैं उससे दूर जा रहा हूँ |  एक दिन वो मेरे सामने आ कर रोने लगी तो मैंने माफ़ी मांगी और फिर से दोस्ती कर ली | हम फिर पहले जैसे हो गए | वो रात दिन बातें करना सब कुछ फिर से शुरू हो गया  | कुछ दिन पहले उसने मुझे कॉल किया क्योंकि उसके बहन से उसकी लड़ाई हो गयी थी और वो बात करना चाहती थी, काफी देर बात करने के बाद उसने कहा की वो मुझसे प्यार करती है और फ़ोन रख दिया | अब ये क्या था, वो मुझे बॉयफ्रेंड की तरह प्यार करती है या फिर एक दोस्त की तरह, ये पूछने की मेरी हिम्मत नहीं है |

 

कुणाल

 

एक लड़की है जो मेरे की क्लास में है, कॉलेज के पहले साल से मैं उसे जानता हूँ पर हमेशा छोटी छोटी बातें ही होती रही, फिर दो साल बाद हम क्लास कुछ दिन साथ बैठने लगे और हम दोनों ने कुछ करीब आ गए | क्योंकि हम लोगो की कई विषय एक से थे तो यूनिवर्सिटी में कई जगह हम साथ जाने लगे | कुछ दिनों के बाद उसने मुझे साथ पढ़ने के लिए बुलाया और हम रात १० बजे तक एक साथ ही पड़ते रहे  और ये सिलसिला चलने लगा | क्योंकि डाक्टरी की पढ़ाई थी तो बहुत कुछ होता था बात करने के लिए, साथ पढ़ने के लिए | वो मुझे क्लास में अकेला नहीं छोड़ती थी और जब साथ न हो तो दूर से मुझे देखती रहती |

 

एक दिन मैंने बहार जाने के लिए पूछ लिया तो उसने कहा वो आएगी, पर उसे एक रात पहले प्रोग्राम कैंसिल कर दिया ये कह कर की कल उसको कोई जरूरी रिपोर्ट लिख कर देनी है | फिर कुछ दिनों तक कोई बात नहीं हुई तो वो मेरे पास आ आई और मुझे माफ़ी मांगी और फिर पहले जैसा सब हो गया | फिर एक दिन वो मुझे बताने आई की उसके पापा का ट्रांसफर उसी शहर में हो गया है जहाँ मेरा घर है और कहने लगी अब हम कभी भी अलग नहीं होंगे | कुछ दिनों के बाद फिर वो दौड़ के आई और मेरे गले लग गयी और कस के पकड़ कर कुछ देर तक खड़ी रही, पूछे पर की क्या हुआ तो बोली की कुछ नहीं बस तुन्हाने बहुत पास रहने का मन कर रहा था और ऐसे ही रहना था | फिर इसी तरह की कुछ और बातें हुई जहाँ उसने मुझे कई बार ये बताया की वो मेरे करीब ही रहना चाहती है और बहुत अच्छा महसूस करती है | मुझे समझ में नहीं आ रहा था की मैं क्या करूँ , ये दोस्ती थी या प्यार था | एक बार हिम्मत कर मैंने उससे पूछ ही लिए की मुझे लगता है की वो मुझसे प्यार करती है क्या और मुझे पसंद करती है | इस पर कोई सीधा सा जवाब नहीं आया और कहा की वो मुझे पसंद करती है पर प्यार शायद नहीं है | हम लोग अब भी दोस्त है पर थोड़ी दूरी आ गयी है | वो चाहती है पर कहती नहीं ? ये सब क्या है और वो क्या चाहती है ? अगर प्यार करती है तो कहती क्यों नहीं ?

 

मिथुन 

 

वो अपने आप को मेरी गर्लफ्रेंड कहती है, शाम को जब मैं उसके घर पर उसको छोड़ने गया तो रस्ते भर मेरा हाथ पकड़ कर चलती रही, घर आने पर मुझे गाल पर एक किस कर के मुस्कुराती है और ऐसे ही मुस्कुराते हुए पलट कर चली जाती है | उसकी वो मुस्कराहट मेरे आँखों के सामने रात भर घूमती रहती है | फिर अगले दिन जब यही क्रम हुआ तो मैं उसे रस्ते में अपने सामने ला कर ई लव यू कहा और वो हँसी है अपना सर जोर से हिलाती है और कहती है मैं पूरा पागल हूँ | फिर बड़ी सी मुस्कराहट लिए हुए मुझे देखती है | जब वो ऐसा करती है तो वो ख़ुशी दुनिया की किसी भी खुशी से बढ़कर लगती है |

 

क्या करे ऐसी स्थिति में, कुछ समझ में नहीं आता है पर ये सुनना भी बहुत जरूरी लगता है की वो भी आपसे प्यार करती है | दिल जनता है की वो आपके बिना नहीं रह पाती है, वो आपके बारे में सोचती रहती है पर वो कहती नहीं तो यकीं भी नहीं |

 

प्यार की ये कुछ ऐसी पहेलियाँ है जो सुलझा नहीं सकते, जिसका कोई एक रास्ता नहीं है, हम उसको छोड़ नहीं सकते है और सुने बिना रहा भी नहीं जाता है | पर एक रास्ता तो अंत में चुनना पड़ता है और मैंने देखा है की अगर वो सच में आपसे प्यार करती है तो कभी न कभी इकरार जरूर करेगी | कई बार से सब लड़कियों के लिए खेल है अगर आप सच में जानना चाहते है तो एक महीना या एक हफ्ता उसे अकेला छोड़ दे, अगर वो प्यार करती है तो आपको पता चल ही जायेगा | अगर ऐसा न हो तो आपकी इक्छा है की आप इसी तरह से कुछ दिन रहना चाहते है  या फिर उसके बिना |

 

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By Sahi Tarika

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