सभी जोखिम एक जैसे नहीं होते है

सभी जोखिम एक जैसे नहीं होते है

सभी जोखिम एक जैसे नहीं होते है

हमारा दिमाग हर जोखिम को एक जैसा नहीं देखता है, जैसे की कोई आदमी हवाई जहाज से पैराशूट के साथ कूद सकता है पर जीवन में वो अपने बॉस या पिता

से डरता हो | या फिर कोई जंगल में शेर का सामना कर सकता है पर किसी लड़की का नहीं | आये जाने मनोविज्ञान के कुछ रोचक तथ्य

 

लोगो का व्यव्हार उनके शरीर के अनुभूतियों से प्रभावित होता है

लोग भारीपन को महत्त्व और गंभीरता से जोड़ते है | अगर कोई एक कागज से भारी फोल्डर में से कोई कागज आपको पढ़ने को देता है तो वो आदमी आपको गंभीर और सत्यापित लगता है | अगर हम किसी का बड़ा ब्रीफकेस या ऑफिस बैग देखते है तो हम उस व्यक्ति को एक बड़े ओहदे वाला मान सकते है |

 

कठोर सतह आपको कठोर बनाती है

क्‍या आप जानते हैं कि आप जिन सतहों के संपर्क में आ‍ते हैं वह आपके व्‍यवहार को नियंत्रित करता है। आप एक कठोर कुर्सी पर बैठने से कठोर हो जाते हैं। कठोर सतह, दूसरों के साथ आपके संबंधों को बहुत अधिक जटिल बनाती है और आप दूसरों के साथ और अधिक कठोर पेश आते हैं।

 

मनुष्‍य में आत्मसम्मान की कमी, दूसरों को नीचा दिखाती है

मनुष्‍य जिनमें आत्‍मसम्‍मान की कमी होती है और खुद के बारे में आश्वस्त नहीं होते हैं या दूसरों को अपमानित करने की कोशिश करते हैं। वह अपनी विफलता के लिए दूसरों को दोषी मानते हैं।

 

अपमानजनक व्‍यवहार से आत्मविश्वास पुनर्स्थापित

हम में से कई लोगों का विश्वास है कि दूसरों के बारे में नकारात्‍मक कहना सही होता है। और यह सब हमारे सम्‍मान या विश्वास के साथ संबद्ध नहीं होता है। हालांकि तथ्‍य यह है कि जब हम दूसरों को अपमानित करते हैं तो यह हमारे आत्‍मविश्वास और सम्‍मान को पुनर्स्‍थापित करने में मदद करता है।

 

दिखावा एक भ्रामक

मनाव की यह प्रवृत्ति होती है कि वह अच्‍छे दिखने वाले लोगों पर ज्‍यादा विश्वास करते है। यह मानव स्‍वभाव है कि वह जर्जर दिखने वाले व्‍यक्ति की तुलना में अच्‍छी तरह से तैयार व्‍यक्ति को स्‍वीकार करता है। चाहे अच्छे दिखने वाले व्यक्ति निष्ठाहीन हो।

 

खुशी से आनुपातिक होता है टेस्टोस्टेरोन स्तर

मानव व्‍यवहार के बारे में एक आश्चर्यजनक तथ्‍य यह है कि हम में से कई लोगों का टेस्टोस्टेरोन का उच्च स्तर दूसरों के क्रोध से खुशी निकालता हैं।

 

झूठ बोलना दिमाग के लिए एक काम है

जब आप सच के बारे में तथ्‍य जानना चाहते हो और सच्‍चा बनना चाहते हो तो आपका मन आराम से राज्‍य में रहते हैं। जब आप झूठ बोलते हैं तो आपका मस्तिष्‍क झूठ के साथ सच्चाई के बारे में भी सोचता है। इसमें मानसिक प्रयास की बहुत आवश्‍यकता होती है। क्‍योंकि झूठे को सरल शब्दों के बारे में सोचना पड़ता है और मानसिक गतिविधि के साथ मुकाबला मुश्किल हो जाता है।

 

निगरानी पर बेहतर व्यवहार

जब मनुष्‍य को कोई देख रहा होता है तो वह मास्‍क पहनने का नाटक करता है। कई अध्ययनों से पता चला है कि जब व्‍यक्ति को पता चलता है कि उसे देखा जा रहा है तो वह अच्‍छे ढ़ंग से बर्ताव करता है। लेकिन वहीं व्‍यक्ति पूरी तरह से अलग बर्ताव करता है जब वह सोचता है कि उसे कोई नहीं देख रहा है।

 

अमीर और सफल लोगों को अधिक बुद्धिमान मानना

हम अक्‍सर यह मानते हैं कि अमीर लोग, अस्तित्‍व के लिए मेहनत करने वाले लोगों की तुलना में अधिक बुद्धिमान और विश्वास के लायक होते हैं। हम सोचते हैं जो व्यक्ति उचित आजीविका कमाने में सक्षम नहीं होता है, वह बुद्धिमान होने का  हकदार नहीं होता।

जल्दबाजी में लिए गए निर्णय हमेशा सही नहीं होते

जल्‍दबाजी में लिए गए निर्णयों पर हमेशा अफसोस होता है। भले ही आपके निर्णय आपके लिए क्‍या परिणाम लेकर सामने आए है, लेकिन आप बहुत जल्‍दी में निर्णय ले लेते हैं। हम को अक्‍सर इस बात का बहुत अफसोस होता है कि हमने परिणाम से पहले योजना प्रक्रिया में अधिक समय खर्च करना चाहिए था।

 

कार्य की जटिलता से निर्णय प्रभावित

मानव की यह प्रवृत्ति है कि काम जटिल लगने पर वह उसे बीच में ही छोड़ देता है। अगर एक व्यक्ति को अपनी घरेलू जरूरतों के लिए उत्पादों की श्रृंखला के बीच चयन करने के लिए दिया जाये और इस स्थिति में वह जटिलता का अनुभव करता है तो वह निश्चित रूप से कुछ भी खरीदने से पहले ही सब कुछ खत्‍म कर देगा।

 

आकर्षण भर्मित करता है

आकर्षित और ईमानदार दिखाई देना अक्सर हमको भ्रमित कर देता है , हम लोग दिखावे को सच्चाई से जोड़ देते है और अकसर अच्छा दिखने वाले हमें जयादा सच्चे लगते है |

 

बोर होना अच्छा है

बोर लोग अक्सर कुछ ऐसा कर जाते है जो की दुनिया को बदल देता है, क्योकि वो सामान्य वस्तुएँ उन्हें ख़ुशी नहीं दिलाती है जो कुछ नया करना |

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